abhivainjana


Click here for Myspace Layouts

Followers

Showing posts with label वक्त. Show all posts
Showing posts with label वक्त. Show all posts

Monday, 22 October 2012

ये वक्त भी बदल जाएगा



खामोश है आज चाँदनी भी
खामोश धरती आसमां है
खामोश हैं तारे सभी
खामोश उनका कारवां है
शाख के हर पात खामोश है
खामोश हुए प्रकृति के हर साज़
हवा भी थक कर सो गई अब
खामोश लहरों के गीत आज
बस,खामोश नहीं मेरे मन का शोर
कुछ बैचैन हैं ,परेशान सा
अनबुझ प्रश्नों का सैलाब लिए
उठता है दिल में बस तूफान 
अब तो खामोश हो जा मन मेरे
ये तूफा़न भी टल जायेगा
कल सूरज के आते ही ,देखना
ये वक्त भी बदल जाएगा
************
महेश्वरी कनेरी