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देखो मंगल मेघ है आया |
इस भीषण सी गर्मी में
शीतल पवन का सुखद सा झोंका
संग अपने संदेशा लाया
उठो ,करो स्वागत
देखो ,मंगल मेघ है आया
पत्ते –पत्ते शाख –शाख पर
धरती के कण-कण में
जीवन की हर धड़कन
हर पल हर क्षण
मधुर रस उसने घोला
उठो ,करो स्वागत
देखो मंगल मेघ है आया
दादुर मोर पपीहा नाचे
तपित धरती के भाग हैं जागे
मुर्छित दुर्वा ने खोले लोचन
फिर हरित होंगे वन उपवन
खुश्क होठों पर मुस्कान है छाया
उठो ,करो स्वागत
देखो मंगल मेघ है आया
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महेश्वरी कनेरी
