मन में उठने वाले हर भाव हर अह्सास को शब्दों में बाँध, उन्हें सार्थक अर्थों में पिरोकर एक नया आयाम देना चाह्ती हूँ । भावनाओ के इस सफर में मुझे कदम-कदम पर सहयोगी मित्रों की आवश्यकता होगी.. आपके हर सुझाव मेरा मार्ग दर्शन करेंगे...
सृजनात्मकता में यही खूबी है कि वह जीवन को जीने का ढंग देती है. बहुत सुंदर रचना.
भरती रहूँ जीवन में रंगसुन्दर रचना .........
जीवन में भरती रहे, सदा अनोखे रंग ।धन्य धन्य शुभ लेखनी, रहे हमेशा संग ।।
बहुत अच्छी रचनासुंदर भाव
रंगों से ही जीवन जीवित है ......
सीख गई जीने का ठंगअगर लेखनी हो संगभरती रहूँ जीवन में रंगरंग ही रंग ,रंग ही रंग.... इन्द्रधनुषी रंग बिखरे हैं
हम भी तो हैं आपके संगलेकर हाथों में कूची और रंगः)
उत्कृष्ट सृजन,,यही जीवन के रंग,,,,,,RECENT POST: तेरी फितरत के लोग,
बस ऐसे ही रंग भरे रहें।
लेखनी के साथ जीवन के रंग ... बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ....ठंग --- ढंग
सीख गई जीने का ढंग अगर लेखनी हो संगभरती रहूँ जीवन में रंगरंग ही रंग ,रंग ही रंगवाह ! बहुत खूब !!
सुंदर इन्द्रधनुषी अभिव्यक्ति
सत्य कहती सुंदर अभिव्यक्ति ...!!
गाफिल जी अति व्यस्त हैं, हमको गए बताय ।उत्तम रचना देख के, चर्चा मंच ले आय ।
जीवन में रंग न हो तो जीवन का आकर्षण समाप्त हो जाता है .ऐसे ही रंग भरते रहिये .
भरती रहूँ जीवन में रंगरंग ही रंग ,रंग ही रंगआपकी हर तमन्ना पूरी हो आंटी!सादर
सीख गई जीने का ढंग अगर लेखनी हो संगभरती रहूँ जीवन में रंगरंग ही रंग ,रंग ही रंगवाह वाह अतिसुन्दर रचना भी अपने इन्द्रधनुषी रंग बिखेर रही है
बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........
भरती रहूँ जीवन में रंगरंग ही रंग ,रंग ही रंग... wah ma'am yahi rang jeena sikha dete hain..
बज उठी जल तरंगझूमे अंग-प्रत्यंगबना रहे सत्संगभरें जीवन में रंग........शुभकामनायें..........
शुभकामनायें..... ये रंग सदैव जीवंत बने रहें
BEAUTIFUL LINES WITH COLOUR AND LOVE
सुन्दर, उत्कृष्ट! जीवन में रंग भारती कविता..सादरमधुरेश
मन में उमंगह्रदय में तरंगअपनों के संगयही जीवन के रंगपुल्कित अंग अंग......पुलक से इत प्रत्यय लगाके बना -पुलकित .रचना में सारल्य और एक ख़ुशी का दर्शन है .बधाई .
बहुत सुंदर रंग !
रंगों की छटा नित बिखरती रहे ..ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है .
बहुत ही सुन्दर उत्कृष्ट रचना..जीवन की ये रंगत सदैव बरकरार रहे..:-):-) :-)
वाह! बहुत ही सुन्दर रंग भर दिए है आपने.संग संग दंग है कनेरी जी.आभार.
रंग ही जीवन को सही-सही परिभाषित कर पाते हैं।
सुंदर अभिव्यक्ति..
लेखनी सदा रहे संग यूं ही रहे बिखरतेकाव्य के रंग तरंग ।
सीख गई जीने का ढंगअगर लेखनी हो संगवाह !!!
वाह ...बेहतरीन भाव लिए उत्कृष्ट अभिव्यक्ति ...आभार
यही तो जीने को देते है उमग !
सच में लेखनी का साथ हो तो जीवन में रंग ही रंग है।
जीवन में भरती रहूँ रंग ही रंग |बहुत भावपूर्ण प्रस्तुति |आशा
बहुत सुन्दर ......कितना सुकून मिलता है लिखने से ......हर व्यथा ..हर दर्द....जैसे बह जाता है ....और केवल सुख का साम्राज्य रह जाता है ...
लेखनी से अच्छा साथी कौन ??शुभकामनायें आपको !
वाह...अद्भुत अभिव्यक्ति...बधाई स्वीकारें नीरज
वाह।कमाल है।
मन में उमंगह्रदय में तरंगअपनों के संग.........भावपूर्ण प्रस्तुति |
सृजनात्मकता में यही खूबी है कि वह जीवन को जीने का ढंग देती है. बहुत सुंदर रचना.
ReplyDeleteभरती रहूँ जीवन में रंग
ReplyDeleteसुन्दर रचना .........
जीवन में भरती रहे, सदा अनोखे रंग ।
ReplyDeleteधन्य धन्य शुभ लेखनी, रहे हमेशा संग ।।
बहुत अच्छी रचना
ReplyDeleteसुंदर भाव
रंगों से ही जीवन जीवित है ......
ReplyDeleteसीख गई जीने का ठंग
ReplyDeleteअगर लेखनी हो संग
भरती रहूँ जीवन में रंग
रंग ही रंग ,रंग ही रंग.... इन्द्रधनुषी रंग बिखरे हैं
हम भी तो हैं आपके संग
ReplyDeleteलेकर हाथों में कूची और रंगः)
उत्कृष्ट सृजन,,यही जीवन के रंग,,,,,,
ReplyDeleteRECENT POST: तेरी फितरत के लोग,
बस ऐसे ही रंग भरे रहें।
ReplyDeleteलेखनी के साथ जीवन के रंग ... बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ....
ReplyDeleteठंग --- ढंग
सीख गई जीने का ढंग
ReplyDeleteअगर लेखनी हो संग
भरती रहूँ जीवन में रंग
रंग ही रंग ,रंग ही रंग
वाह ! बहुत खूब !!
सुंदर इन्द्रधनुषी अभिव्यक्ति
ReplyDeleteसत्य कहती सुंदर अभिव्यक्ति ...!!
ReplyDeleteगाफिल जी अति व्यस्त हैं, हमको गए बताय ।
ReplyDeleteउत्तम रचना देख के, चर्चा मंच ले आय ।
जीवन में रंग न हो तो जीवन का आकर्षण समाप्त हो जाता है .ऐसे ही रंग भरते रहिये .
ReplyDeleteभरती रहूँ जीवन में रंग
ReplyDeleteरंग ही रंग ,रंग ही रंग
आपकी हर तमन्ना पूरी हो आंटी!
सादर
सीख गई जीने का ढंग
ReplyDeleteअगर लेखनी हो संग
भरती रहूँ जीवन में रंग
रंग ही रंग ,रंग ही रंग
वाह वाह अतिसुन्दर रचना भी अपने इन्द्रधनुषी रंग बिखेर रही है
बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........
ReplyDeleteभरती रहूँ जीवन में रंग
ReplyDeleteरंग ही रंग ,रंग ही रंग... wah ma'am yahi rang jeena sikha dete hain..
बज उठी जल तरंग
ReplyDeleteझूमे अंग-प्रत्यंग
बना रहे सत्संग
भरें जीवन में रंग........
शुभकामनायें..........
शुभकामनायें..... ये रंग सदैव जीवंत बने रहें
ReplyDeleteBEAUTIFUL LINES WITH COLOUR AND LOVE
ReplyDeleteसुन्दर, उत्कृष्ट! जीवन में रंग भारती कविता..
ReplyDeleteसादर
मधुरेश
मन में उमंग
ReplyDeleteह्रदय में तरंग
अपनों के संग
यही जीवन के रंग
पुल्कित अंग अंग......पुलक से इत प्रत्यय लगाके बना -पुलकित .
रचना में सारल्य और एक ख़ुशी का दर्शन है .बधाई .
बहुत सुंदर रंग !
ReplyDeleteरंगों की छटा नित बिखरती रहे ..ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है .
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर उत्कृष्ट रचना..
ReplyDeleteजीवन की ये रंगत सदैव बरकरार रहे..
:-):-) :-)
वाह! बहुत ही सुन्दर रंग भर दिए है आपने.
ReplyDeleteसंग संग दंग है कनेरी जी.
आभार.
रंग ही जीवन को सही-सही परिभाषित कर पाते हैं।
ReplyDeleteसुंदर अभिव्यक्ति..
ReplyDeleteलेखनी सदा रहे संग
ReplyDeleteयूं ही रहे बिखरते
काव्य के रंग तरंग ।
सीख गई जीने का ढंग
ReplyDeleteअगर लेखनी हो संग
वाह !!!
वाह ...बेहतरीन भाव लिए उत्कृष्ट अभिव्यक्ति ...आभार
ReplyDeleteयही तो जीने को देते है उमग !
ReplyDeleteसच में लेखनी का साथ हो तो जीवन में रंग ही रंग है।
ReplyDeleteजीवन में भरती रहूँ रंग ही रंग |
ReplyDeleteबहुत भावपूर्ण प्रस्तुति |
आशा
बहुत सुन्दर ......कितना सुकून मिलता है लिखने से ......हर व्यथा ..हर दर्द....जैसे बह जाता है ....और केवल सुख का साम्राज्य रह जाता है ...
ReplyDeleteलेखनी से अच्छा साथी कौन ??
ReplyDeleteशुभकामनायें आपको !
वाह...अद्भुत अभिव्यक्ति...बधाई स्वीकारें
ReplyDeleteनीरज
वाह।कमाल है।
ReplyDeleteमन में उमंग
ReplyDeleteह्रदय में तरंग
अपनों के संग.........भावपूर्ण प्रस्तुति |