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Thursday, 15 March 2012

सपने


   सपने
सोई सोई इन आँखों में ….
अकसर सपने जगा करते है
ये सपने मेरे अपने हैं.. क्यों कि..
जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं
कभी खुशियों का सौगात बन कर
कभी उम्मीदों की बगिया बनकर
फूल अकसर यहाँ खिला करते हैं
जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं…….
कभी महकते साँसों की रिदम लिए
कभी अहसासों की खुशबू बिखेरे
ये तो मौसम की तरह आया और जाया करते हैं
जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं……..
सोई सोई इन आँखों में
अकसर सपने जगा करते है…………..
*******
काफी दिनों से अस्वस्थ होने के कारण ब्लांग जगत से दूर रहना मेरी मजबूरी बन गई थी ।लेकिन बिस्तर पर लेटे-लेटे मैं आप सब को बहुत याद करती रही । देखिये मौका मिलते ही पहुँच गई न फिर….आप सभी की शुभकामनाओ से मैं अब काफी ठीक हूँ…..आभार..
महेश्वरी कनेरी......


61 comments:

  1. आपके शीग्र स्वस्थ होने की मंगलकामना करते हैं ...
    सुंदर रचना ...

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  2. get well soon.....apka blog pdh kar bohot aacha laga....... :)

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  3. काफी दिनों से इन्तजार था आपकी रचना का , बहुत ही सुन्दर भाव --------अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ

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  4. बहुत अच्छा लगा आपको देख...
    बड़ा याद किया आपको.

    सुन्दर रचना के साथ आपकी entry बढ़िया है..
    :-)

    सादर.

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  5. सुंदर रचना ... शीघ्र स्वास्थ लाभ करें

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  6. बहुत सुन्दर रचना ... आप शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण स्वस्थ हों..

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  7. बहुत ही अच्छा लिखा है आंटी !
    स्वास्थ्य का ध्यान रखिएगा।

    सादर

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  8. aapka aana achchha laga ,holi ki badhai swekare
    सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है……sach hi to hai

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  9. सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है……
    बहुत बढ़िया भावपूर्ण सुंदर रचना,...
    आपके स्वस्थ होने की ईश्वर मंगल कामना,

    RESENT POST...काव्यान्जलि ...: तब मधुशाला हम जाते है,...

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  10. स्वास्थ्य-लाभ अति-शीघ्र हो, तन-मन हो चैतन्य ।
    दर्शन होते आपके, हुए आज हम धन्य ।

    हुए आज हम धन्य, खिले घर-आँगन बगिया ।
    खुशियों की सौगात, गात हो फिर से बढ़िया ।

    रविकर सपने देख, आपकी रचना पढता ।
    नित नवीन आयाम, समय दीदी हित गढ़ता ।।

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  11. आप स्वास्थ्य लाभ शीघ्र करें, ब्लॉग आपको व्यस्त रहेगा।

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  12. आप अब स्वस्थ हैं यह ज्ञात होकर इतमीनान हुआ। वैसे स्वास्थ्य रक्षा हेतु 'चिरजीवी स्तुति'का सहारा भी दवा के साथ-साथ लिया जा सकता है जो 'जनहित'मे उपलब्ध है।-

    http://janhitme-vijai-mathur.blogspot.in/2011/10/blog-post.html

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  13. आप आयें --
    मेहनत सफल |

    शुक्रवारीय चर्चा मंच
    charchamanch.blogspot.com

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  14. सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है…………

    बहुत सुंदर भाव... आपको अति-शीघ्र स्वास्थ्य-लाभ हो यही कामना है...

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  15. bahut sundar man ke bhaavon ka sanyojan aapke achche swasthya ke liye shubhkamnayen.

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  16. ये सपने मेरे अपने हैं.. क्यों कि..
    जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं..

    बहुत सुन्दर ..

    ईश्वर से हमारी यही कामना है कि आप शीघ्र ही पूर्ण स्वस्थ्य हो जाएँ .

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  17. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ!

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  18. बहुत सुन्दर ,,भाव अभिव्यक्ति है....

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  19. एक अच्छी पोस्ट. ईश्वर आपको स्वस्थ रखे, यही कामना है.

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  20. जीवन बेहतर बने यही कामना इन पंक्तियों में की गई है।

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  21. सुन्दर भावनाएं... इन्ही ख्वाबों से ज़िन्दगी में तमन्नाएँ जगती हैं!
    कमेंट्स से पता चला आपके स्वास्थ्य के बारे में, आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ.
    सादर

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  22. सोयी सोयी आँखों में सपनों का जागना ...
    खूबसूरत बिम्ब ...
    जीवन स्वस्थ और बेहतर हो ...
    शुभकामनायें !

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  23. दुआ है ये सपने यूँ ही जागते रहे .....

    औरआप यूँ ही लिखती रहे .....

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  24. aap jaldi se achi ho..aur hum itni achi rachnaye pad sake...

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  25. ये सपने मेरे अपने हैं.. क्यों कि..
    जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं...

    कभी कभी यही हमारे जीने का बहाना भी बन जाते हैं ....सच कहा ...
    इस परिवार की नयी सदस्या हूँ ....पहली बार आपको पढ़ा ...अच्छा लगा

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  26. आपकी कमी खलती है ,प्रार्थना है कि आप और भी स्वस्थ होकर नयी उत्साह से हमसे मिलती रहें ..

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  27. ईश्वर आपको स्वस्थ रखे, यही कामना है.बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

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  28. sundar rachna...aapkr behtar swasthya ke liye prathnaayen...

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  29. सपने ही हममें प्रेरणा भरते हैं, बहुत सुंदर रचना, शुभकामनायें !

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  30. सपने आधार होते हैं ... अब कैसी हैं आप ? मैं भी इधर नहीं थी...

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  31. सोई सोई इन आँखों में ….
    अकसर सपने जगा करते है
    ये सपने मेरे अपने हैं.. क्यों कि..
    जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं!!

    सही कहा आपने....
    आपके स्वास्थ-लाभ की कामना करती हूँ....!!

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  32. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ... आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए शुभकामनाएं ...

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  33. सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है

    यही जगे सपने हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं...
    आप स्वस्थ रहें और हम आपकी रचनाओं का आनंद लेते रहें...
    इसी शुभकामना के साथ
    सादर

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  34. ये सपने ही तो जीने का संबल हैं..शीघ्र स्वास्थ लाभ करें यही कामना है...आभार

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  35. सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है…very nice.

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  36. सुंदर पंक्तियाँ ...अपना ख्याल रखे .... शुभकामनायें

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  37. आँखों में बसा हर स्वप्न सब्दों का रूप लेकर
    रचना बन जाता है ....ईस्वर करे आप जल्दी पूर्ण स्वस्थ हों

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  38. आदरणीय महेश्वरी कनेरीजी
    सर्वप्रथम आप स्वस्थ्य एवं दीर्घायु हों ..... मेरी प्रार्थना है इश्वर से

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  39. बहुत सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब रचना, इस रचना के लिए आभार

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  40. आशा करता हूँ शीघ्र पूर्ण स्वस्थ हों.

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  41. ये सपने बने रहने चाहियें ... ये जीने की शक्ति हैं ...
    आप पूर्णतः स्वस्थ हों सबके बीच जल्दी आयें ... मेरी शुभकामनाएं हैं ...

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  42. सोई सोई इन आँखों में ….
    अकसर सपने जगा करते है.........
    शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामनाओं के साथ उपरोक्त सुंदर प्रस्तुति हेतु आभार....

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  43. कोमल रचना. आप शीघ्र स्वाथ्य लाभ करें, शुभकामनायें.

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  44. सुन्दर प्रस्तुति.....बहुत बहुत बधाई...

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  45. सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है…………..bahot achcha likhi hain......aap jaldi theek ho jayen....

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  46. ये तो मौसम की तरह आया और जाया करते हैं
    जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं३३..
    सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है

    जीवन में सपनों की अहम् भूमिका है।
    सुंदर कविता, सुंदर भाव।
    आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं।

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  47. Take rest till you are completely ok.My good wishes.

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  48. ब्लॉग लेखन अब मजबूरी है ,

    पर नींद भी ,बहुत ज़रूरी है .

    चिठ्ठाकार की तंदरुस्ती के लिए आठ घंटा सोइए .

    शुभ कामनाएं बेहतर सेहत के लिए .

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  49. ये तो मौसम की तरह आया और जाया करते हैं
    जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं……..
    सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है…………..

    EXPRESSION OF LIFE.

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  50. बहुत सुंदर भाव अभिव्यक्ति,बेहतरीन रचना,....

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  51. कभी खुशियों का सौगात बन कर
    कभी उम्मीदों की बगिया बनकर
    फूल अकसर यहाँ खिला करते हैं

    गहन अनुभूतियों की सुन्दर अभिव्यक्ति ...
    हार्दिक बधाई

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  52. पिछले कुछ दिनों से अधिक व्यस्त रहा इसलिए आपके ब्लॉग पर आने में देरी के लिए क्षमा चाहता हूँ...

    इस रचना के लिए बधाई स्वीकारें...शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करें.

    नीरज

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  53. बहुत खूब ...
    शुभकामनायें आपको, शीघ्र स्वस्थ हों ... !

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  54. ये तो मौसम की तरह आया और जाया करते हैं
    जीवन के हर लम्हें ,इन में बसा करते हैं……..
    सोई सोई इन आँखों में
    अकसर सपने जगा करते है…
    bahut sunder bhav
    aap sada svasth rahiye yahi bhagvan se prarthna hai
    rachana

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  55. बहुत बहुत धन्यवाद् की आप मेरे ब्लॉग पे पधारे और अपने विचारो से अवगत करवाया बस इसी तरह आते रहिये इस से मुझे उर्जा मिलती रहती है और अपनी कुछ गलतियों का बी पता चलता रहता है
    दिनेश पारीक
    मेरी नई रचना

    कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: माँ की वजह से ही है आपका वजूद: एक विधवा माँ ने अपने बेटे को बहुत मुसीबतें उठाकर पाला। दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे। बड़ा होने पर बेटा एक लड़की को दिल दे बैठा। लाख ...

    http://vangaydinesh.blogspot.com/2012/03/blog-post_15.html?spref=bl

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  56. सुंदर रचना!

    आप शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण स्वस्थ हों...

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  57. आदरणीय महेश्वरी जी.
    आपको और सभी परिवार जनों को चैत्र नवरात्र और नव संवत की अनेकों मंगलकामनाएं.

    सादर.
    अनु

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