abhivainjana


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Monday, 14 November 2011

संदेश… नन्हें पथिक को



बहुत साल पहले सन १९९४ में अपने स्कूल के नन्हें मुन्हें बच्चों के लिए ये पंक्तियाँ लिखी थी …… और आज मैं  बाल दिवस के उपलक्ष में सभी नन्हें मुन्हें प्यारे- प्यारे बच्चों को इसे समर्पित कर रही हूँ ।
 संदेश… नन्हें पथिक को

एक से बढ़ कर एक हो तुम
एक में भी अनेक हो तुम
तुम से ही, पहचान हमारी
देख रही, तुम्हें दुनिया सारी ।
ग्यान के नन्हें दीप हो तुम
सूर्य के नन्हें प्रतीक  तुम
वक्त के साथ अब बढ़ना है ,
 उच्च शिखर पर चढ़ना है ।
अंजली भर सपने बटोर रहे
हर सपना सच करना है
दूर बहुत चलना है, पथिक
हैसला और बुलन्द करना है ।
चाहत की तस्वीर हो तुम
भारत की तकदीर हो तुम
बुलंदी के उस पार जाना है
तुम्हें सारा जहाँ जगाना है ।
न होना निराश कभी तुम
न खोना विश्वास कभी तुम
सिर्फ हाथ भर की  ही दूरी है
छूने को सारा आसमां है ।
नित नया निर्माण करो तुम
कण-कण में प्राण भरो तुम
नव चेतन जोत जगाना है
नव भारत तुम्हें बनाना है ।
******

32 comments:

  1. नित नया निर्माण करो तुम
    कण-कण में प्राण भरो तुम
    नव चेतन जोत जगाना है
    नव भारत तुम्हें बनाना है ।
    वाह ...बहुत ही बढि़या ... भावमय करते शब्‍दों का संगम है यह रचना ..।

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  2. सुन्दर सन्देश!
    ये सदा प्रासंगिक रहेंगे!

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  3. बच्चों को बहुत ही अच्छा संदेश दिया है आंटी।

    सादर

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  4. एक में भी अनेक हो तुम
    तुम से ही, पहचान हमारी.... इससे अधिक आशीष भरा उपहार और क्या होगा

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  5. बच्चों में चेतना जगाने वाली सुंदर प्रेरक रचना....

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  6. मरे नए पोस्ट में स्वागत है ....

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  7. बहुत ही खूबसूरत कविता है बधाई और शुभकामनाएँ

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  8. आज के दिन इतनी सुन्दर रचना देने के लिए बधाई ..बहुत खूबसूरत ..

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  9. बहुत ही अच्छी रचना है...बधाई स्वीकारें

    नीरज

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  10. सूर्य के नन्हें प्रतीक तुम
    वक्त के साथ अब बढ़ना है ,
    उच्च शिखर पर चढ़ना है ।
    वाह बहुत प्यारा सन्देश

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  11. चाहत की तस्वीर हो तुम
    भारत की तकदीर हो तुम.bhut hi achchi abhivaykti.thanks.

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  12. अभी बहुत बढ़ना है तुमको।

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  13. बाल दिवस को समर्पित एक बहुत ही प्रेरक रचना।

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  14. बहुत सुंदर और सार्थक कविता....

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  15. नित नया निर्माण करो तुम
    कण-कण में प्राण भरो तुम
    नव चेतन जोत जगाना है
    नव भारत तुम्हें बनाना है

    सुंदर पंक्तियाँ...... अच्छी लगी आपकी रचना

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  16. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
    बालदिवस की शुभकामनाएँ!

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  17. बहुत सुन्दर फोटो और प्यारी सी कविता ....

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  18. तुमसे ही पहचान हमारी
    देख रही,दुनिया सारी
    भविष्य-बीज को,सहेज कर बोना होगा.सुंदर.

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  19. बहुत अच्छी,सार्थक व सकारात्मक कृति ।
    बहुत अच्छी प्रस्तुति !

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  20. वाह..
    आपकी यह कविता बच्चो में प्रेरणा जगाने का काम करेगी.
    बहुत ही सुन्दर एवं सार्थक रचना है

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  21. छोटे बच्चों के हाथों में ही तो तकदीर है आने वाले कल का.सार्थक रचना .. बहुत सुन्दर लिखा है.

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  22. सुन्दर गीत....
    सादर....

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  23. बहुत प्यारी सार्थक रचना |बाल दिवस पर शुभ कामनाएं |
    आशा

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  24. प्यारी सार्थक रचना |बाल दिवस पर शुभ कामनाएं |

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  25. ग्यान के नन्हें दीप हो तुम
    सूर्य के नन्हें प्रतीक तुम
    वक्त के साथ अब बढ़ना है ,
    उच्च शिखर पर चढ़ना है ।

    bachchon se hi sahi mayne me desh ka bhavishya banta hai..
    wahi hamara kal hain.
    Maheshwari di bahut khoob !

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  26. नित नया निर्माण करो तुम
    कण-कण में प्राण भरो तुम
    नव चेतन जोत जगाना है
    नव भारत तुम्हें बनाना है

    बहुत सुंदर, क्या कहने



    समय मिले तो मेरे एक नए ब्लाग "रोजनामचा" को देखें। कोशिश है कि रोज की एक बड़ी खबर जो कहीं अछूती रह जाती है, उससे आपको अवगत कराया जा सके।

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  27. ज्ञान के नन्हें दीप हो तुम
    सूर्य के नन्हें प्रतीक तुम

    प्रेरणा देता हुआ बड़ा ही सुंदर बाल-गीत.

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  28. सार्थक ... प्रेरणा से ओतप्रोत गीत है ...
    प्रेरणा दायक ...

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  29. Very motivating and inspiring creation.

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  30. न होना निराश कभी तुम
    न खोना विश्वास कभी तुम
    सिर्फ हाथ भर की ही दूरी है
    छूने को सारा आसमां है ।

    बच्चों को प्रेरित और उनके मन में आत्मविश्वास जगाने वाला सुंदर गीत।

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  31. राष्ट्र के भावी कर्णधार बच्चों से बहुत सुन्दर भावपूर्ण आव्हान ..
    शुभ कामनायें !!

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