खुशियों का दीप जला कर,
उम्मीदों की झोली फैला कर
करते स्वागत नव वर्ष तुम्हारा
हर्षदायिनी, मंगलमयी, शुभकारिणी
हो हर चरण तुम्हारा
स्वागत-स्वागत नव वर्ष तुम्हारा
हिम्मत देना ,चाहत देना
देना अथाह शक्ति दान
निज स्वार्थ भूला कर,
कर सकूँ जन कल्याण
नव सृजन का बहे नित धारा
स्वागत-स्वागत नव वर्ष तुम्हारा
स्वप्न न रूठे ,उम्मीद न टूटे
धरा में नित नव चेतन जागे
प्रेरणा बन बहे हर शब्द मेरे
नव रश्मि गीत बन रहे नित आगे
अंधकार हरे राह बने उजियारा
स्वागत-स्वागत नव वर्ष तुम्हारा
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महेश्वरी कनेरी
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