abhivainjana


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Wednesday, 11 June 2014

एक अच्छी शुरुवात है



आज सुरमई प्रभात है
कुछ नई सी बात है
उम्मीद नहीं विश्वास है
एक अच्छी शुरुवात है
एक पग आगे बढ़ा
कोटि पग बढ़ने लगे
हाथों से हाथ मिले
दिलों से दिल जुड़ने लगे
जज्बे की ये बात  है
एक अच्छी शुरुवात है……….
छुप गया हो तम जैसे
किरणों की बौछार से
खिल उठीं कली-कली
बसंत की पुकार से
अनुपम ये सौगात है
एक अच्छी शुरुवात है………….
हौसलों में उड़ान भर
चेतन मन थकता नहीं
असंभव को संभव करे
जो वक्त से डरता नहीं
ये हौसलों की बात है
एक अच्छी शुरुवात है……….

*************
महेश्वरी कनेरी

20 comments:

  1. खुशियाँ यूं ही बनी रहे
    एक अच्छी शुरुआत की

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  2. very encouraging poetry:) thanks

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  3. बहुत प्रेरक और उल्लासमयी रचना...

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  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 12-06-2014 को चर्चा मंच पर चर्चा - 1641 में दिया गया है
    आभार

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  5. बहुत ही शूब्सूरत रचना |

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  6. आशा और विश्वास से पूर्ण सुंदर रचना..

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  8. इस प्रभात की क्या बात है,
    अच्छी शुरवात है।

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  9. असंभव को संभव करदे
    जो वक्त से डरता नहीं
    ये हौसलों की बात है
    एक अच्छी शुरुवात है……….
    बहुत सही कहा आपने .... बेहतरीन अभिव्‍यक्ति

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  10. अच्छी शुरुआत का उत्साहमय उल्लास छलका पड़ रहा है .

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  11. मंगलकामनाएं शुरुआत के लिए !!

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  12. बहुत सुन्दर प्रस्तुति हार्दिक बधाई आपको

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  13. इस अच्छी शुरुआत को और भी गति मिलनी चाहिए.. सुन्दर रचना.

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  14. वाकई यह यह एक अच्छी नहीं बल्कि बहुत ही अच्छी शुरुआत है।

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  15. ये हौसलों की बात है
    एक अच्छी शुरुवात है……….
    बहुत सही कहा आपने .... बेहतरीन अभिव्‍यक्ति

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