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Wednesday, 14 May 2014

गौरैया

गौरैया
माँ ! आँगन में अपने
अब क्यों नहीं आती गौरैया
शाम सवेरे चीं चीं करती
अब क्यों नहीं गाती गौरैया
फुदक- फुदक कर चुग्गा चुगती
पास जाओ तो उड़ जाती
कभी खिड़की, कभी मुंडेर पर
अब क्यों नहीं दिखती गौरैया
माँ बतला दो मुझ को
कहाँ खोगई  गौरैया ?

विकास के इस दौर में,बेटा !
मानव ने देखा स्वार्थ सुनेरा
काटे पेड़ और जंगल सारे
 और छीना पंछी का रैन बसेरा
रुठ गई हम से अब हरियाली
पत्थर का बन गया शहर
अब आँगन बचा चौबारा
सब तरफ प्रदूषण का कहर
कीट पतंगे चुग्गा दाना
बिन पानी सूखे ताल तलैया
क्या खाएगी कहाँ रहेगी
बेचारी नन्हीं सी गौरैया
भीषण प्रदूषण के कारण
लुप्त हो रहे दुर्लभ प्राणी
दिखेगी कैसे अब आँगन में
बेटा ! नन्हीं प्यारी गौरैया 

  *****************
महेश्वरी कनेरी

21 comments:

  1. बहुत ही सहज भाव से माँ ने अपने बेटे को बात समझा दी, लेकिनः अब वक्त आ गया है जब इंसान सोचे की वह कहाँ जा रहा हैi

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  2. बहुत सुंदर. विकास की भेंट चढ़ गई है गोरैया.
    नई पोस्ट : कालबेलियों की दुनियां

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  3. बहुत सुंदर । मेरे घर में रोज रहती है 100 से ज्यादा गोरैया :)

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  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 15-05-2014 को चर्चा मंच पर दिया गया है
    आभार

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  5. सुन्दर रचना ...गुम ही हो गयी है आँगन की चहक .....

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  6. इंसानो के गलती के कारण आज बहुत से दुर्लभ प्राणी लुप्त हो गए हैं ... बहुत सूंदर प्रस्तुति !!

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  7. इंसान की बढ़ती तृष्णा प्रकृति के इन निरीह प्राणियों को निगलती जा रही है.

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  8. दुर्लभ होती जा रहीं है

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  9. बहुत सुन्दर रचना ..........एक सही विचार रखा गया है कि क्यों नहीं आती गौरैया अब ............दुर्लभ होती जा रही है , शायद हमारे छोटे होते घरों में हमारी तरह कैद नहीं रहना चाहती ..........अब वो खुला आँगन कहाँ ...........

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  10. निमित्र मात्र रूप में बढ़िया संदेश देती यह रचना , आदरणीय धन्यवाद !
    I.A.S.I.H - ब्लॉग ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

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  11. सच शहर में इनका विलुप्त होते जाना चिंतनीय स्थिति हैं। गाँव में गोरैयों की चहचाहट घर आँगन में देखना आज भी बहुत सुकून पहुंचता हैं मन को
    बहुत बढ़िया प्रस्तुति

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  12. कल 16/05/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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    Replies
    1. धन्यवाद यशवन्त

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  13. गौरैया , कौआ , आदि पक्षी लगातार कम होते जारहे हैं । गिद्ध तो कहीं दिखाई ही नही देता । लेकिन हम लोग इसपर गहराई से सोचते ही नही । पर्यावरण प्रदूषण का सबसे बुरा प्रभाव पशु-पक्षियों पर पड रहा है ।

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  14. बहुत बढ़िया संदेश देती रचना .....

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  15. सन्देश देती बहुत सुंदर प्रस्तुति ...!

    RECENT POST आम बस तुम आम हो

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  16. गौरैया के दुःख को वाणी देती सुंदर रचना..

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  17. क्या बात है, वाह बहुत सुंदर ।

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  18. बहुत सुन्दर और सार्थक रचना...

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  19. हम कब संवेदनशील होंगे ?

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